टेम्पूड़ो
कोई लंबा रिश्तेदारां में , म्हाने बुलाणो हुयो ,
तो हम्काले गाड़ी में , सेहर म्हां जाणो हुयो ।।
भीड़ तो घणी ही गाडी में , पण भीड़ में ही है मजो ,
दो री जाग्यां चार बैठो , नीं मावे तो भी माडे ई पजो ।
जियां ई गाड़ी ऊं उतर् यो , एक टेम्पूड़ा रो आणो हुयो ।।
एकर टेम्पूड़ा में जाणो हुयो ।।
जोर जोर सूं दे पिंपाड़ा , डलावर हेला मारे ,
जन्ने जाओ वन्ने ले जाऊं , थैं बैठो म्हारे लारे ।
गळी मोहल्लो टेसण स्टेशण ,चाहे कोट कचेरी थाणो हुयो ।।
एकर टेम्पूड़ा में जाणो हुयो ।।
म्हारे बैठ तांई पांच बैठ्या ,तीन लटक्या लारे ,
चार ऐड़े छेड़े बैठगा ,अर दोय डलावर सारे ।
जियां ई आगे सिरक्यो ,एक सवारी को आणो हुयो ।।
एकर टेम्पूड़ा में जाणो हुयो ।।
लोभी जीव लारानी देख्यो ,ओ एक तो चालेलो ?
म्हां सगळा एक् साथे बोल्या ,और कठे घलेलो ?
कतोक जाणो ,क्यूं हेला करो ,ऐड़ो मोको कदेक ई पाणो हुयो ?
एकर टेम्पूड़ा में जाणो हुयो ।।
सोरो दोरो आगे चाल्यो ,घणा कमाया पिया ,
किं उतार् या किं चाढ्या ,किं बैठा ई तो रिया ।।
मोळा मोळा मूंडा फाड़ेवा ,कि चलू एक सांतरो घाणो हुयो ।।
एकर टेम्पूड़ा में जाणो हूयो ।।
बातां बातां म्हां पूछ लियो ,किंया धंधो पाणी ?
पेली तो किं कमांता , पण अब नी आणी जाणी ।
जग्यां जग्यां दिखे टेम्पूड़ा ,ओ तो '' निकमां रो ठाणो हुयो ।।
एकर टेम्पूड़ा में जाणो हुयो ।।
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